एक शहर में एक अकेली औरत रहती थी,उसका बड़ा अच्छा मकान था।मकान के बाहर एक #बगीचा था उसमें कई सारे फूल थे। उसी शहर में एक बीमा एजेंट था, जो लोगों को बीमा कराने की सलाह देता था। उसने कई सारे बीमा कर लिए थे। उस एजेंट की दृष्टि अब उस औरत पर थी। वह सालों से उसको #बीमा कराने के लिए समझाता, लेकिन वह औरत उसको अपने घर से निकाल देती। उस एजेंट ने कई लोगों को समझाने के लिए भेजा, परन्तु वह औरत किसी की नहीं मानती और सबको भगा देती।
एक दिन उस एजेंट का एक मित्र कुछ दिनों के लिए उसके घर पर आया। सुबह के समय दोनों मित्र घूम रहे थे। बीच में उस औरत का मकान देखकर एजेंट के मित्र ने कहा- बड़ा अच्छा मकान है।
#एजेंट ने निराश होकर हाँ कर दी और अपने मित्र को बीमा की सलाह न मानने वाली उस औरत के बारे में सारा किस्सा बता दिया।
एजेंट का मित्र हँसने लगा,बस इतनी सी बात थी?
एजेंट- में कई साल तक प्रयास किये पर ये औरत नहीं मानती।
मित्र- अरे भाई, हमें मौका दो।
एजेंट- तुम तो व्यापारी हो, क्या जानोगे ऐसी बातें,फिर भी एक बार प्रयास कर लो दोनों घूमकर अपने घर चले गए।
अगली सुबह एजेंट का मित्र 5 बजे ही तैयार हो गया। एजेंट ने पूछा कहाँ जा रहे हो?
तुम्हारे बीमा का काम कराने उस औरत के पास।
एजेंट - पर इतनी जल्दी ?
मित्र चुपचाप बिना कुछ कहे निकल गया,वह उस औरत के घर बाहर जा खड़ा हुआ और बाहर से ही बगीचे को घूरने लगा।
यह सब वह औरत देख रही थी। जब कुछ देर तक वह वहां से नहीं गया तो उस औरत ने झल्लाते हुए पूछा- क्या चाहिए तुम्हें ?
मित्र- अरे देवी, हमें कुछ नहीं चाहिए। बस हम तो बगीचे को देख रहे थे। काफी सुंदर बगीचा है। मुझे फूलों से बड़ा प्रेम है। इसलिए इन फूलों को थोड़ा निहार रहा था। आखिर आज के वातावरण में ऐसी सुंदरता मिलना वाकई सौभाग्य की बात होती है। परन्तु यदि आपको अच्छा न लगा हो तो मैं यहां से चला जाता हूँ।
(और यह कहकर वह वहां से चलने लगा) इतने में औरत ने आवाज़ लगाई।
अरे, रुकिए अक्सर लोग मेरे बगीचे में फूल तोड़ देते हैं, इसलिए मैं कठोरता से पेश आती हूँ। आप पहले व्यक्ति हैं, जो यहां इस शहर में फूलों और बगीचों से इतना प्रेम कर रहे हैं। आइए, अंदर आइए ,वह मित्र अंदर चला जाता है,लीजिये चाय पीजिए।
इस प्रकार दोनों एक दूसरे से फूलों और बगीचों के बारे में बात करने लगते हैं।
औरत उस व्यक्ति के बारे में जानती है और वह व्यक्ति उस औरत के बारे में।
कुछ देर बाद अब वह व्यक्ति वहां से जाने के लिए तैयार होता है, तो औरत कहती है- "आप जब तक इस शहर में है, तब तक आप रोज सुबह-सुबह टहलने आ सकते हैं,और वह व्यक्ति वहां से चला जाता है।
बीमा एजेंट उससे पूछता है, तो वह कुछ नहीं बताता और 7 दिन की मोहलत मांगता है।
अगले दिन वह व्यक्ति फिर से उस बगीचे में जाता है और आज वह औरत अपना मकान भी दिखाती है। इस प्रकार से वह व्यक्ति रोजाना जाता है और हर दिन वे एक-दूसरे के बारे में जानते हैं। लगभग 5 दिन बाद जब वह व्यक्ति जाता है, तो वह औरत उसका ही इंतज़ार करती है और नए फूलों के बारे में उत्साह से बताती है। अब तो वह व्यक्ति घण्टों तक उस औरत से बात करता। कभी-कभी तो समय ही भूल जाता और वो महिला भी बहुत उत्साह से बात करती। दोनों के बीच आत्मियता हो गयी थी।
एक दिन उस औरत ने बातों ही बातों में बीमा का नाम ले दिया और बीमा के बारे में उस व्यक्ति की सलाह मांगने लगी। इस बार वह व्यक्ति बीमा के बारे में बताता है और वह औरत ध्यान से सुनती है। अगले दिन वह औरत उस एजेंट को फोन करती है। जब एजेंट उसके घर पहुँचता है, तो उसका मित्र वहां बैठा रहता है और एजेंट को आँखों ही आँखों में इशारा करता है, जैसे उसने जंग जीत ली हो।
जब उस दिन उस एजेंट का मित्र उसके घर आता है, तो बड़े आश्चर्य से एजेंट उससे पूछता है कि जो काम एक बीमा एजेंट सालों से नहीं कर पाया वो काम तुमने 7 दिन में कैसे कर दिया?
तो एजेंट कुछ तथ्य बताता है-
यदि किसी व्यक्ति से कोई काम करवाना हो तो उसके मन में उस काम के प्रति इच्छा जगाओ और बस देखते रहो
जब व्यक्ति 4 बार से अधिक "हाँ" में जवाब देता है, तो उसके अगले जवाब में "हाँ" करने की संभावना 98% रहती है।
सबसे अहम - जब तुम्हें अपनी बात प्रकट करनी हो तो उस व्यक्ति के नज़रिए से करो। ये मत बताओ कि तुम क्या चाहते हो। बल्कि ये जानो की सामने वाला क्या चाहता है।
जैसे कि तुम किसी स्त्री को प्रेम प्रस्ताव दे रहे हो तो तुम्हें ये नहीं कहना कि -मैं तुम्हें अपना जीवनसाथी बनाना चाहता हूँ।
बल्कि तुम्हें यह कहना है कि - "मैं तुम्हारा जीवनसाथी बनकर तुम्हारा जीवनभर हर कठिनाई में साथ देने के लिए तैयार हूँ।"
दोनों लाइन को दुबारा पढ़ो और पाओगे की पहली लाइन में तुमने वह कहा जो तुम चाहते हो और दूसरी लाइन में तुमने वह कहा जो उस लड़की को चाहिए। हालांकि बात एक ही है, एक जैसी ही है। परन्तु मनोविज्ञान बदल गया। अनर्थ से अर्थ बन गया।
इस प्रकार से इन मनोवैज्ञानिक कारणों से आप अपने जीवन को कभी भी नया आयाम दे सकते है। बस आपको थोड़ा मनोविज्ञान पता होना चाहिए।
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