शनिवार, 13 मई 2023

जासूस #एली_कोहेन -जिसके दम पर #इजरायल ने 6 दिन में 5 अरब देशों को हरा दिया

#एली_कोहेन वो जासूस जिसके दम पर #इजरायल ने 6 दिन में 5 अरब देशों को हरा दिया

कोहेन ने जिंदगी के 5 साल #सीरिया में बतौर जासूस गुजारे और अपने देश इजरायल की इतनी मदद की कि जंग में सिर्फ 6 दिनों में इजरायल ने सीरिया और उसके साथियों को मात दे दी। 1967 में हुई इस लड़ाई में एक तरफ इजरायल था तो दूसरी ओर मिस्र, सीरिया, जॉर्डन, ईराक, लेबनान शामिल थे. साथ ही कुवैत, सूडान अल्जीरिया, यमन और फिर सऊदी अरब भी मिस्र के समर्थन में कूद पड़े।

1960 के दशक में जब सीरिया की ओर से इजरायल पर हमला की आहट महसूस हुई तो,मोसाद ने एक जासूस की तलाश शुरू की जो सीरिया में रहकर कुछ जानकारी जुटा सके.
एली कोहेन जो पैदा मिस्त्र में हुए, पिता यहूदी थे और मां सीरियाई। वे मिस्त्र के बाद अर्जेंटीना पहुंचे और फिर इजरायल, पिता ने इजरायल में रुकने का फैसला लिया, लेकिन एली कोहेन अपनी पढ़ाई के लिए मिस्त्र में रुके. पहले पढ़ाई पूरी की, फिर बाद में एक कोर्स जासूसी का भी किया.

एली कोहेन 1960 में इजरायली खुफिया विभाग से जुड़े और काम शुरू किया. एक साल बाद ही उन्हें सीरिया में जासूसी करने के लिए ट्रेन करना शुरू कर दिया गया और एक कारोबारी बनाकर किसी तरह सीरिया पहुंचाया गया और वो कामिल अमीन थाबेत नाम से एक एक्सपोर्ट का व्यापार सीरिया के दमिश्क में करने लगे।

दमिश्क राजधानी थी, इसलिए सत्ता यहां पर ही थी. पैसों का इस्तेमाल कर कामिल अमीन थाबेत उर्फ एली कोहेन बड़े लोगों की नजर में आना शुरू हो गए. जिसके बाद उन्होंने सेना में अधिकारियों से संबंध बढ़ाए, जनरल के भतीजे से दोस्ती कर ली. उसी की मदद से बॉर्डर तक पहुंचे, ऐसे स्थानों पर पहुंचे जहां से सीरिया इजरायल के खिलाफ साजिश रचता था।
कोहेन की 17 गर्लफ्रैंड उन जान छिड़कती थीं। कोहेन सीरिया के सैन्य अधिकारियों के लिए शराब और शबाब की खर्चीली पार्टियां आयोजित करते थे, कोहेन की 17 सुंदरियां सीरिया के सैन्य अधिकारियों को शिकार बना कर गुप्त सूचनाएं हासिल कर लेती थीं।

कोहेन की छवि इंग्लैंड के जासूस जेम्स बॉन्ड की तरह थी। वह औरतों से घिरा रहने वाला जासूस था। #जेम्स_बॉन्ड तो इयान फ्लेमिंग के उपन्यास का काल्पनिक पात्र है लेकिन कोहेन वास्तविक जीवन में डैसिंग डिटेक्टिव थे।
एक-दो साल में कोहेन ने सीरिया के कई सैन्य अधिकारियों को करीबी दोस्त बना लिया था। इन सैन्य अधिकारियों को कोहेन ने समझाया कि अगर गोलान हाइट्स के आर्मी बेस के पास यूकेलिप्टस के पेड़ लगा दिया जाएं तो उनका सबसे बड़ा सैन्य अड्डा सुरक्षित हो जाएगा। गोलान हाइट्स की पहाडियों पर इजरायल और सीरिया की सीमा मिलती है।

सीरिया के सैन्य अधिकारी कोहेन की बातों में आ गये। पेड़ लगाने के लिए कोहेन ने पैसा दिया। इस दौरान कोहेन को सीरिया के सबसे बड़े सैनिक अड्डे को नजदीक से समझने का मौका मिला। फिर तो कोहेन ने सीरिया और अरब देशों से जुड़ी कई सेक्रेट फाइलें हासिल कर इजरायल तक पहुंचायी। कोहेन ने इन पेड़ों को इस तरह लगवाया था ताकि भविष्य में इजरायली सेना यहां से सीरिया के अंडरग्राउंड आर्मी कैंप पर आसानी से हमला कर सकें।
1961 से 1965 तक एली कोहेन ने सीरिया के दमिश्क में रहकर इजरायल की मोसाद को छोटी से छोटी जानकारी दी. जिसमें सीरिया के पास क्या हथियार हैं, वो कब कितने जवानों को कहां पर तैनात कर रहा है. यहां तक कि घुसपैठ के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल हो रहा।

1965 में सीरिया के इंटेलिजेंस एजेंसियों को महसूस होने लगा कि कोई भेदिया उनके देश की गुप्त सुचनाएं चुरा रहा है। सीरिया ने इस भेदिये को पकड़ने के लिए तत्कालीन सोवियत संघ (अब रूस) की जासूसी संस्था केजीबी से मदद मांगी। केजीबी ने सीरिया और मध्य पूर्व के देशों के रेडियो सिग्नल को पकड़ने के लिए एक विशेष उपकरण लगाया। सीरिया से बाहर जाने वाली सभी बातचीत पर नजर रखी जाने लगी। एक दिन सूचना मिली की कोहेन के घर से सामरिक महत्व का जानकारी इजरायल भेजी जा रही है। कोहेन को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

पकड़ जाने से पहले कोहेन सीरिया के चीफ डिफेंस एडवाइज़र थे और सीरिया के सैन्य अधिकारी कोहेन पर इतना भरोसा करने लगे थे कि कुछ ही दिनों बाद उन्हें रक्षा मंत्रालय में अहम जिम्मेदारी देने वाले थे

कोहेन को बहुत यातना दी गयी, उनके नाखून उखाड़ लिये गये। फांसी देते वक्त उनके शरीर को यहूदी विरोधी नारों से भर दिया गया था ,फिर 18 मई 1965 को दमिश्क के चौराहे पर उन्हें फांसी पर लटका दिया गया था। उनके गले में एक बैनर डाला गया था, जिसपर लिखा था -सीरिया में मौजूद अरबी लोगों की ओर से
इजरायल की ओर से उनका शव वापस लाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन सीरिया ने एली कोहेन का शव नहीं लौटाया. २०१८ में पि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने एली कोहेन की घड़ी को ढूंढ निकाला था जो उन्होंने सीरिया में पहनी थी।
अब यही एली कोहेन इजरायल के नेशनल हीरो हैं।





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