1980 की एक दोपहर #PMO के अपने कैबिन में जब PM #इंदिरा_गांधी बैठी जरूरी फाइलों को टंटोल रही थी तभी उनके फोन की घण्टी बजती है ट्रिन ट्रिन..फोन इंदिरा जी के निजी सहायक का था मैडम वायुसेना के #कैप्टेन राजेश्वर विधूड़ी सहारनपुर आपसे मिलना चाहते हैं. इंदिरा जी फाइलों को खंगालते हुए गंभीरता से कहती है ह्म्म्म भेज दीजिये उनको अंदर कैबिन में
कैप्टेन #राजेश्वर_विधूड़ी कैबिन में पहुंचकर इंदिरा जी को कुछ डाक्यूमेंट्स देते हुए कहते हैं मैडम ये लीजिये मेरा बॉयोडाटा में अगला #लोकसभा का चुनाव कांग्रेस के टिकिट पे बागपत सीट से लड़ना चाहता हूं ....
कुछ देर इधर उधर की बातचीत के बाद इंदिरा जी ने कैप्टेन विधूड़ी से कहा-देखिए कैप्टेन बागपत सीट जातीय समीकरणों के हिसाब से बड़ी जटिल है मैं समझती हूं वायुसेना में ही आपका भविष्य उज्ज्वल है आप अभी देश की सेवा कीजिये मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है ....
कैप्टेन विधूड़ी-खतरों से तो मुझे उस वक़्त भी डर नहीं लगा था मैडम जब मैंने 71 की जंग में पाक पे अपने जेट से भीष्ण बमबारी की थी फिलहाल मैंने #VRS ले लिया है ....
इतना कहकर कैप्टेन विधूड़ी इंदिरा जी के कैबिन से निकल गए
कुछ माह बाद कैप्टेन विधूड़ी जी पे दिल्ली से एक कॉल आता है हैल्लो कैप्टेन मैं संजय .... संजय गांधी .... आपको भरतपुर (राजस्थान) की लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकिट पे चुनाव लड़ना है ....
दरअसल जातीय समीकरणों के हिसाब से गुर्ज्जर बाहुल्य भरतपुर सीट कैप्टेन विधूड़ी के लिए परफेक्ट थी ....
कैप्टेन विधूड़ी जब नामांकन के लिए भरतपुर पहुंचते है तो वहां की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता उनको पहचानने से इंकार कर देते हैं और बोलते हैं हमें तो कहा गया कोई पायलट आ रहा है वो लड़ेगा यहां से चुनाव ....
खबर संजय गांधी तक दिल्ली पहुंचती है और वो फिर कैप्टेन विधूड़ी को कॉल करते हैं हैल्लो कैप्टेन आप अपना नाम चेंज करो यार पहले ....
अगले दिन कैप्टेन विधूड़ी पहले कचहरी (तहसील) जा एक हलफनामा दायर कर के अपना नाम बदलते हैं .... इसी वजह से उनका चुनावी नामांकन भी एक दिन की देरी से होता है
कल के कैप्टन राजेश्वर विधूड़ी आज के #राजेश_पायलट बन चुके थे ...
कुछ देर इधर उधर की बातचीत के बाद इंदिरा जी ने कैप्टेन विधूड़ी से कहा-देखिए कैप्टेन बागपत सीट जातीय समीकरणों के हिसाब से बड़ी जटिल है मैं समझती हूं वायुसेना में ही आपका भविष्य उज्ज्वल है आप अभी देश की सेवा कीजिये मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है ....
कैप्टेन विधूड़ी-खतरों से तो मुझे उस वक़्त भी डर नहीं लगा था मैडम जब मैंने 71 की जंग में पाक पे अपने जेट से भीष्ण बमबारी की थी फिलहाल मैंने #VRS ले लिया है ....
इतना कहकर कैप्टेन विधूड़ी इंदिरा जी के कैबिन से निकल गए
कुछ माह बाद कैप्टेन विधूड़ी जी पे दिल्ली से एक कॉल आता है हैल्लो कैप्टेन मैं संजय .... संजय गांधी .... आपको भरतपुर (राजस्थान) की लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकिट पे चुनाव लड़ना है ....
दरअसल जातीय समीकरणों के हिसाब से गुर्ज्जर बाहुल्य भरतपुर सीट कैप्टेन विधूड़ी के लिए परफेक्ट थी ....
कैप्टेन विधूड़ी जब नामांकन के लिए भरतपुर पहुंचते है तो वहां की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता उनको पहचानने से इंकार कर देते हैं और बोलते हैं हमें तो कहा गया कोई पायलट आ रहा है वो लड़ेगा यहां से चुनाव ....
खबर संजय गांधी तक दिल्ली पहुंचती है और वो फिर कैप्टेन विधूड़ी को कॉल करते हैं हैल्लो कैप्टेन आप अपना नाम चेंज करो यार पहले ....
अगले दिन कैप्टेन विधूड़ी पहले कचहरी (तहसील) जा एक हलफनामा दायर कर के अपना नाम बदलते हैं .... इसी वजह से उनका चुनावी नामांकन भी एक दिन की देरी से होता है
कल के कैप्टन राजेश्वर विधूड़ी आज के #राजेश_पायलट बन चुके थे ...
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